मुंबई, 30 अप्रैल, (न्यूज़ हेल्पलाइन) बढ़ते प्रदूषण और खराब जीवनशैली के कारण कम उम्र में बालों का सफेद होना एक आम समस्या बन गई है। विशेषज्ञ अब इस समस्या के समाधान के लिए सदियों पुरानी जापानी मालिश तकनीकों को अपनाने की सलाह दे रहे हैं। इस पद्धति का मुख्य उद्देश्य स्कैल्प (सिर की त्वचा) में रक्त संचार को बढ़ाना और बालों की जड़ों को पोषण देना है।
खबर के मुख्य बिंदु:
- रक्त संचार (Blood Circulation) का महत्व: विशेषज्ञों का मानना है कि स्कैल्प में खराब रक्त संचार ही बालों के झड़ने और समय से पहले सफेद होने का मुख्य कारण है। जापानी मसाज तकनीक नसों को उत्तेजित करती है, जिससे ऑक्सीजन और पोषक तत्व बालों के रोम (Follicles) तक बेहतर तरीके से पहुँचते हैं।
- लकड़ी की कंघी का उपयोग: इस तकनीक में प्लास्टिक की जगह नीम या शीशम की लकड़ी की कंघी का उपयोग करने पर जोर दिया गया है। लकड़ी की कंघी स्कैल्प पर दबाव के बिंदुओं (Pressure points) को सक्रिय करती है और 'स्टैटिक इलेक्ट्रिसिटी' को रोकती है, जिससे बाल कम टूटते हैं।
- तनाव और बालों का संबंध: जापानी मसाज केवल सुंदरता के लिए नहीं, बल्कि मानसिक शांति के लिए भी है। यह शरीर में कोर्टिसोल (तनाव हार्मोन) के स्तर को कम करती है, जो बालों के सफेद होने की प्रक्रिया को धीमा कर देता है।
कैसे करें यह मसाज?
- स्कैल्प को ढीला करें: अपनी उंगलियों के पोरों से सिर के पिछले हिस्से से शुरू करते हुए ऊपर की ओर छोटे-छोटे सर्कुलर मोशन (गोलाकार गति) में मालिश करें।
- दबाव बिंदु: गर्दन के ठीक ऊपर और कान के पीछे के हिस्सों पर हल्का दबाव डालें।
- लकड़ी की कंघी का कमाल: बालों को सुलझाने के लिए नहीं, बल्कि स्कैल्प की मालिश के लिए लकड़ी की कंघी को धीरे-धीरे सिर पर घुमाएं।
विशेषज्ञ की राय:
आयुर्वेद और जापानी चिकित्सा पद्धति दोनों ही इस बात पर सहमत हैं कि स्कैल्प की मालिश से न केवल बालों की बनावट में सुधार होता है, बल्कि यह गहरी नींद और बेहतर याददाश्त में भी मदद करती है। यदि इसे हफ्ते में 2-3 बार नियमित रूप से किया जाए, तो सफेद बालों के प्राकृतिक रंग को वापस लाने में मदद मिल सकती है।
महंगे केमिकल ट्रीटमेंट और कलरिंग के बजाय, यह प्राचीन प्राकृतिक तरीका बालों को भीतर से स्वस्थ बनाने का एक सुरक्षित विकल्प पेश करता है।